रिपोर्ट : हबीब राही जावद। मुस्लिम समाज का इबादत एवम त्याग का पर्व रमजान माह विगत 19 फरवरी से शुरू हुआ, सभी समाजजनों ने भूखे प्यासे रह कर रमजान माह में ईश्वर की इबादत की। बड़ो एवम नौजवानों के साथ बच्चो ने भी रमजान के रोजे रख कर इबादत की। नगर में अलग अलग मस्जिदों में समाजजनों ने रोजा इफ्तार का आयोजन भी किया। मुस्लिम समाज के लिए रमजान माह काफी महत्वपूर्ण होता हैं इसी माह में एक रात ‘शबे कद्र’ आती है जो की बड़ी ही अफजल रात होती हैं। इसी दिन नगर की सभी मस्जिदों को रंगीन लाइटों के साथ सजाया जाता हैं। मस्जिदों में हाफिज/ईमाम ने नमाज अदा करवा कर दुआ करवाई। हुसैनी मस्जिद नीमच दरवाजा में तरावीह की नमाज पढ़ने वाले मस्जिद के इमाम अहमद रज़ा व साईद रज़ा का कमेटी के सदर ओर सदस्यों ने इस्तकबाल (स्वागत) किया, इसी दौरान कमेटी के सदस्यों का भी इस्तकबाल किया गया। नमाजियों द्वारा पूर्व सदर हाजी ख्वाजा हुसैन मेवाफरोश का स्वागत किया। मस्जिद में लाइट डेकोरेशन करने वाले फिरोज (अल्लु) रंगरेज, फ्लावर डेकोरेशन करने वाले चिमन रंगरेज, मोअज्जिन राजाबाबू का इस्तकबाल किया । इसी प्रकार जावद की तमाम मस्जिदों में कमेटी के सदस्यों ने हाफिजो का इस्तकबाल किया गया, सभी मस्जिद में तबर्रूक (प्रसाद) बाटा गया। हुसैनी चौक से लेकर अठाना दरवाजा तक मोहल्ले के युवाओं ने सजावट करवाई गई जिससे इस मोहल्ले में अलग ही रंगत देखने को मिली। ईदगाह कब्रिस्तान में रजाकर कमेटी द्वारा सजावट की गई। नगर के मुस्लिम मोहल्लों में चाय, नाश्ता, दूध कोल्ड्रिंक का प्रोग्राम रखा गया। नगर में पुलिक प्रशासन की चप्पे चप्पे पर नजर बनी रही।

शहर काजी साहब द्वारा जावद की मस्जिदों के इमामों का इस्तकबाल किया

जावद। खानकाहे कादरिया हुसैनी मस्जिद जावद पर मौलाना सैयद मोहम्मद आकिल अख्तरूल कादरी साहब के आस्ताने पर तमाम मुरीदो और चाहने वालों ने सलाम पेश किया। उसके बाद नगर की सभी मस्जिदों के हाफिजो का इस्तकबाल (स्वागत) किया गया। हाफीजो/इमामों की जानिब से जावद शहर काजी सैयद आदिल कादरी साहब का साफा बांध कर इस्तकबाल किया गया। अस्ताना ए कादरिया पर देश में अमन और चेन के लिए दुआ की गई। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी हबीब राही द्वारा दी गई।