नीमच। होली, धुलेंडी, रंगपंचमी और रमजान के पावन अवसर पर जिले में कानून व्यवस्था और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल के नेतृत्व में पूरे जिले में सुरक्षा के व्यापक और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

एसपी श्री जायसवाल ने समस्त राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों की बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि हर थाना क्षेत्र में शांति समिति की बैठकें हों, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहे, नियमित फ्लैग मार्च निकाला जाए और हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जाए।

1 मार्च को निकला शक्ति प्रदर्शन फ्लैग मार्च

दिनांक 01.03.2026 को पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में नीमच केंट, बघाना और नीमच सिटी के संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च निकाला गया। पुलिस की मौजूदगी ने स्पष्ट संदेश दिया कि त्योहारों में शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवल सिंह सिसोदिया, एसडीएम संजीव साहु, नगर पुलिस अधीक्षक सुश्री किरण चौहान सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पूरे जिले के थाना क्षेत्रों में भी इसी तरह फ्लैग मार्च निकालकर आमजन से शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने की अपील की गई।

कंट्रोल रूम में सख्त ब्रिफिंग

होलीका दहन और धुलेंडी ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल को पुलिस कंट्रोल रूम नीमच में विशेष ब्रीफिंग दी गई। एसपी ने साफ निर्देश दिए कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। साथ ही आमजन के साथ शालीन व्यवहार और त्वरित कार्रवाई पर विशेष जोर दिया गया।

अवैध शराब पर शिकंजा

ड्राय डे को देखते हुए जिलेभर में अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाया गया। होटल, लॉज और ढाबों पर सघन चेकिंग कर संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी गई।

सीसीटीवी और ड्रोन से 24 घंटे निगरानी

संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। हर गतिविधि पर पुलिस की पैनी नजर है।

नीमच पुलिस की सख्त अपील

नीमच एसपी अंकित जायसवाल ने विशेष रूप से युवाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक, भड़काऊ या विवादित पोस्ट साझा न करें। अफवाहों पर ध्यान न दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अप्रिय घटना की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें।

त्योहार खुशियों का है, हुड़दंग का नहीं — शांति भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।