नीमच। जिले के जावद तहसील अंतर्गत ग्राम सेमलीचंद्रावत के बुजुर्ग किसान धनश्याम पिता प्रथा तेली एवं उनकी पत्नी शरवंती बाई ने कलेक्टर नीमच को जनसुनवाई में आवेदन देकर अपनी कृषि भूमि के सीमांकन में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर पुनः सीमांकन कराने की मांग की है।

आवेदन में बताया गया है कि उनकी कृषि भूमि सर्वे नंबर 807, 675 एवं 677 के सीमांकन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था। न्यायालय के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक एवं हल्का पटवारी को सीमांकन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन 16 जून 2026 को मौके पर विधिवत प्रक्रिया का पालन किए बिना केवल औपचारिकता निभाकर सीमांकन कर दिया गया।

बुजुर्ग का आरोप है कि सीमांकन के दौरान पड़ोसी काश्तकारों को सूचना नहीं दी गई और न ही उनकी उपस्थिति में सीमांकन किया गया। साथ ही, मौके पर स्थायी सीमा चिन्हों के आधार पर सही माप नहीं की गई। उनका कहना है कि उनकी भूमि पर पड़ोसियों द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है, जिसका उल्लेख पंचनामे में भी नहीं किया गया।

बुजुर्ग किसान ने यह भी कहा कि वे बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने में असमर्थ हैं। उन्होंने तहसीलदार को भी कई बार निवेदन किया, लेकिन बिना उचित कारण उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया।

आवेदन में यह भी कहा गया है कि अवैध कब्जे और जंगली जानवरों से फसलों को नुकसान हो रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है।

आवेदन में कलेक्टर से मांग की है कि नई टीम गठित कर मौके पर निष्पक्ष एवं विधिवत पुनः सीमांकन कराया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके और उन्हें न्याय मिल सके।