नीमच। जिले के मनासा तहसील अंतर्गत पिपल्यारावजी निवासी एक दलित किसान ने कलेक्टर को आवेदन देकर गांव के कुछ लोगों पर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने, मारपीट करने, जान से मारने की कोशिश करने और खेत पर कब्जा करने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन के अनुसार, पिपल्यारावजी निवासी गोपाल पिता बंलतराम रेगर ने बताया कि 6 जुलाई 2026 की सुबह करीब 10 बजे वह अपने खेत पर फसल बोने के लिए गया था। इसी दौरान गांव उचेड़ के निवासी मन्नालाल बंजारा, प्रेमचंद बंजारा, गीताबाई, अर्जुन, बंटी, ईशान, पूनम और मुलीबाई सहित अन्य लोग एक साथ वहां पहुंचे और उसके साथ गाली-गलौज व मारपीट करने लगे।
पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने तलवार से हमला करने का प्रयास किया तथा खेत खाली नहीं करने पर जान से मारने और जमीन पर जबरन कब्जा करने की धमकी दी। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने सार्वजनिक रूप से जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया और कहा कि वे जब चाहें खेत में आकर फसल बर्बाद कर देंगे।
गोपाल ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि घटना के बाद उसने पुलिस थाना मनासा, पुलिस अधीक्षक नीमच सहित संबंधित अधिकारियों को भी शिकायत दी, लेकिन अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने पर उसने कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग की है।
पीड़ित ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उसे और उसके परिवार को सुरक्षा एवं न्याय उपलब्ध कराया जाए।