नीमच। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर योग एवं प्राणायाम के लिए समर्पित संस्था सुप्रभात मित्र मंडल, गांधी वाटिका, नीमच द्वारा श्रद्धा और उत्साह के साथ गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। कार्यक्रम में प्रतिदिन योग एवं प्राणायाम का प्रशिक्षण देने वाले योग गुरुओं का सम्मान कर उनके योगदान को नमन किया गया।

संस्था के मीडिया प्रमुख दिलीप छाजेड़ ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत नियमित योग एवं प्राणायाम सत्र से हुई। इसके पश्चात संस्था के संरक्षक एडवोकेट तेजपाल जैन के नेतृत्व में योग गुरु शिव माहेश्वरी, नंदू सर्राफ, दिलीप चौधरी, डॉ. माधुरी चौरसिया, अनिल सिंघल एवं मीना मित्तल का शॉल एवं सम्मान-चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। सम्मान समारोह में संस्था के अध्यक्ष टोनी वधवा, उपाध्यक्ष रमेश जायसवाल, कोषाध्यक्ष विनोद शर्मा, वरिष्ठ सदस्य अनिल चौरसिया, डॉ. राजेंद्र जायसवाल, हरीश दुआ, अरुण गोयल, जमनालाल जैन एवं गोविंद पोरवाल उपस्थित रहे।

इस अवसर पर संस्था के सक्रिय एवं समर्पित कार्यकर्ता बिल्लू भाई को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तेजपाल जैन ने कहा कि "गुरु अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाता है और शिष्य उसी प्रकाश को ग्रहण कर जीवन में प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता है।"

डॉ. अशोक जैन ने कहा कि गुरु का ज्ञान और आशीर्वाद ही मनुष्य को सफलता तथा श्रेष्ठ संस्कारों की दिशा में अग्रसर करता है।

योग गुरु दिलीप चौधरी ने कहा कि गुरु के बिना जीवन अधूरा है, जबकि शिव माहेश्वरी ने कहा कि गुरु का महत्व शिष्यों से ही बढ़ता है।

डॉ. माधुरी चौरसिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान शिव संसार के प्रथम योग गुरु हैं, जिन्होंने विश्व को योग का ज्ञान दिया। योग ही व्यक्ति के तन, मन और आत्मा को स्वस्थ एवं संतुलित रखता है।

वहीं मीना मित्तल ने कहा कि गुरु का स्थान भगवान और माता-पिता के समान सर्वोच्च होता है तथा उनका सम्मान करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष योग साधकों ने सहभागिता कर गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन नवल मित्तल ने किया, जबकि अंत में संस्था के सचिव राकेश पाटीदार ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।