नीमच। भारतीय सेना में 24 साल की लंबी सेवा पूरी कर हवलदार मुकेश राठौर जब अपने गृह नगर नीमच लौटे, तो उनका स्वागत किसी उत्सव की तरह हुआ। रविवार सुबह शहर की सड़कों पर देशभक्ति का माहौल नजर आया और लोग जवान की झलक पाने के लिए उमड़ पड़े। सुबह करीब 8:30 बजे फोर जीरो चौराहे से मुकेश राठौर का अभिनंदन जुलूस शुरू हुआ। फूलों से सजी खुली जीप में सवार सेवानिवृत्त जवान का शहरवासियों ने पुष्प वर्षा और मालाओं से स्वागत किया। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों कमल चौक, फ्रूट मार्केट चौराहा, फवारा चौक और एसपी ऑफिस होते हुए मेशी शोरूम पहुंची। यहां से जुलूस डाक बंगला और इंदिरा नगर होते हुए शहीद पार्क नीमच सिटी पहुंचा। अंतिम पड़ाव इंदिरा नगर स्थित मांगलिक भवन रहा, जहां सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

2002 में शुरू हुआ था सेना का सफर-

मूल रूप से नीमच के पास कुण्डला गांव के रहने वाले मुकेश राठौर साल 2002 में महाराष्ट्र के अहमदनगर से सेना में भर्ती हुए थे। दो दशकों से ज्यादा के करियर में उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी ड्यूटी निभाई। मुकेश की पोस्टिंग अधिकतर चुनौतीपूर्ण इलाकों में रही। साल 2007 में उन्होंने जम्मू-कश्मीर में जेके आरआर बटालियन के साथ काम किया। इसके अलावा उन्होंने राजस्थान के बीकानेर और लेह जैसे दुर्गम ठिकानों पर भी अपनी सेवाएं दीं।

विदेशी धरती पर भी निभाई जिम्मेदारी-

मुकेश राठौर के सैन्य करियर में एक अहम पड़ाव साल 2019 में आया, जब उनका चयन संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन के लिए हुआ। इस मिशन के तहत उन्हें दक्षिण सूडान भेजा गया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर लौटने के बाद वे अपनी यूनिट में हवलदार के पद पर तैनात थे। 31 मार्च 2026 को वे सेवानिवृत्त हुए। 3 अप्रैल को जब वे अपने गांव पहुंचे तो कुण्डला में उत्साह का माहौल था, जिसके बाद 5 अप्रैल रविवार को नीमच शहर में भव्य अभिनंदन रैली निकाली गई।

युवाओं को दी देश सेवा की सीख

जुलूस के दौरान मुकेश राठौर मित्र मंडल ने शहर में जगह-जगह बैनर-पोस्टर लगाए थे। देशभक्ति गानों के बीच लोग पैदल चलते हुए जवान का उत्साह बढ़ा रहे थे। इंदिरा नगर स्थित मांगलिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में समाज के लोगों और परिजनों ने उनका सम्मान किया। इस मौके पर मुकेश राठौर ने अपनी लंबी सेवा के अनुभव साझा किए। उन्होंने युवाओं से चर्चा करते हुए उन्हें सेना में भर्ती होने और देश सेवा के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, परिजन और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।