नीमच। आदिम जाति कल्याण विभाग के सीनियर कन्या छात्रावास क्रमांक-1 की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार को छात्रावास की कई छात्राएं चुपचाप कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और जनसुनवाई में छात्रावास की बदहाल व्यवस्था, गुणवत्ताविहीन भोजन तथा मूलभूत सुविधाओं के अभाव की शिकायत दर्ज कराई। छात्राओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने तत्काल जांच दल गठित कर मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार भोलियावाल रोड स्थित छात्रावास में रहने वाली छात्राओं ने प्रशासन को बताया कि उन्हें शासन द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुरूप भोजन नहीं दिया जा रहा है। रोजाना एक ही दाल परोसी जा रही हैं। भोजन की गुणवत्ता भी बेहद खराब है, जिससे छात्राओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बनी हुई है। 

अधीक्षिका पर भी लगाए गंभीर आरोप

शिकायत में छात्राओं ने छात्रावास अधीक्षिका मीनाक्षी जयंत पर भी लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अधीक्षिका अपने शासकीय आवास पर नियमित रूप से मौजूद नहीं रहतीं, जिसके कारण छात्रावास की निगरानी और व्यवस्थाएं प्रभावित होती हैं। छात्राओं के अनुसार इसका सबसे अधिक असर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की छात्राओं पर पड़ रहा है, जिन्हें रोजमर्रा की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।

डर के कारण छिपकर पहुंचीं जनसुनवाई

सूत्रों के अनुसार छात्राएं बिना किसी को जानकारी दिए सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। उनका आरोप है कि यदि शिकायत करने की भनक छात्रावास प्रशासन को लग जाती है तो उन्हें छात्रावास से निकालने अथवा प्रताड़ित करने की धमकी दी जाती है। इसी भय के चलते छात्राओं ने गुप्त रूप से अपनी शिकायत जिला प्रशासन तक पहुंचाई।

मामले को गंभीर मानते हुए जिला कलेक्टर ने तत्काल जांच दल गठित करने के निर्देश दिए। जांच टीम मंगलवार शाम ही छात्रावास पहुंची, जहां भोजन व्यवस्था, रसोई, रिकॉर्ड और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया।  अब जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

अधीक्षिका ने किया इनकार, मामले को दबाने का प्रयास

जब इस संबंध में छात्रावास अधीक्षिका मीनाक्षी जयंत से दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने गुमराह करते हुए कहा कि ऐसा कोई मामला नहीं है। उन्होंने व्यस्त होने की बात कहते हुए बाद में चर्चा करने की बात कही।

वही जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग मनोज लिथोरिया ने बताया कि छात्राओं की शिकायत प्राप्त होने के बाद तत्काल जांच दल गठित किया गया था। जांच दल ने मंगलवार शाम छात्रावास का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।